धारणी (प्रतिनिधि) : मेळघाट क्षेत्र में एनीमिया (रक्ताल्पता) की समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से किए गए सर्वेक्षण में महाराष्ट्र में जहां किशोरियों में 59 प्रतिशत और महिलाओं में 54 प्रतिशत एनीमिया पाया गया है, वहीं धारणी तहसील के 20 गांवों में स्थिति इससे भी अधिक चिंताजनक सामने आई है। यहां महिलाओं में आधे से अधिक और किशोरियों में एक-तिहाई से अधिक एनीमिया से ग्रस्त पाई गईं।
यह अध्ययन सेवाग्राम स्थित डॉ. सुशीला नायर हॉस्पिटल के अंतर्गत संचालित सी-तारा (C-TARA) एनीमिया रिसर्च प्रोजेक्ट के माध्यम से किया गया। जांच ‘हुमो क्यू’ मशीन के जरिए की गई, जिसमें आयरन की गोलियों का कम सेवन और पोषणयुक्त आहार की कमी प्रमुख कारण के रूप में सामने आए।
इस परियोजना में 10 से 19 वर्ष की किशोरियों और 15 से 49 वर्ष की महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि इस वर्ग को भविष्य के गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जाए और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।
आगामी चरण में एनीमिया से प्रभावित महिलाओं और किशोरियों के लिए प्रभावी हस्तक्षेप कार्यक्रम चलाए जाएंगे। गांव स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर जनसहभागिता के माध्यम से इस समस्या से निपटने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत एनीमिक और स्वस्थ महिलाओं/किशोरियों की जोड़ी बनाकर आपसी सहयोग व जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
साथ ही ‘एनीमिया डे’ जैसे उपक्रमों के जरिए गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह परियोजना पूरी तरह जनआधारित पद्धति पर आधारित है, जिसमें स्थानीय समुदाय, महिला समूह और ग्राम नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी से एनीमिया के खिलाफ सामूहिक लड़ाई उभारने का प्रयास किया जा रहा है।



